Sunday, 27 November 2016

अनुभव:- कृष्ण कुमार का

एक गलती ऐसी हो जाये जिसका पश्चाताप किसी बड़े नुक्शान को सीने से लगाना पड़े, फिर तमाम उम्र बर्बाद हो जाये, ऐसा प्रतीत होता हो तब कोई रास्ता सामने नजर नहीं आता है .....

मै इस अनुभव को इसी साल महशूस कर रहा हूँ, अब पता नहीं हमारा भविष्य क्या होगा....
एक बात साफ़ है की अगर जिन्दगी को सही वक्त पे सही दिशा मिल जाये तब उसकी स्वर्ग जैसी जीवन बन जाती है, मगर दिशा निर्देशन में थोड़ी सी भटकन मिलती है तब यह साफ़ हो जाता है की आप बर्बाद हो चुके हो..मै अपने परिवारों के दिल में झाँक कर देख चूका हूँ, यह महशूस होता है की क्या हुआ .....

                                                                       अनुभव:-

लगता है अब प्याज कटने लगा। वक्त सब कुछ सिखाता है, समय समय पे बहुत रुलाता है। अफ़सोस तो है, मगर इससे कुछ मिलने वाला नही। अब एकाग्र और लक्ष्य की प्राप्ति अपने मन पे हासिल करनी होगी। सरस्वती माँ शक्ति प्रदान करें।